Sunday, March 1, 2020

आखिर परमात्मा कैसे मिले - Moral stories in Hindi

      परमात्मा दुनियां ढूंढने से नहीं बल्कि खुद के खोने से मिलते है 




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                            परमात्मा के प्रति त्याग


आखिर परमात्मा कैसे मिले - Moral stories in Hindi - हेलो दोस्तों स्वागत है आपका अपने ब्लॉग पर। आज इस ब्लॉग मैं हम बात कर रहें परमात्मा से मिलन की, जोकि हमसे कभी जुदा ही नहीं है। दोस्तों ये आखिर परमात्मा कैसे मिले - Moral stories in Hindi से हम परमात्मा को पाने की तड़प को महसूस कर पाएंगे। परमात्मा को पाना बीएस इतना ही है के जैसे खुद को भूल जाना। आखिर परमात्मा कैसे मिले - Moral stories in Hindi ये कहानी आपको खुद को भूल कर परमात्मा को पाने का रास्ता दिखाएगी। परमात्मा हमारे दिल से दिल का विषय है तो आखिर परमात्मा कैसे मिले - Moral stories in Hindi सुरु करते है दिल से।


                                                     परमात्मा के प्रति त्याग





एक समय की बात है, किसी महात्मा जी के पास एक लड़का आया और बोला महात्मा जी, मुझे भी परमात्मा से मिला दो। मैं भी उसे देखना चाहता हूं। महात्मा जी बोले, ”ये तेरे बस की बात नहीं है। तुझे अभी सिर्फ चाव है, प्रेम नही।

लड़का Short Story in Hindi
लड़का



”लड़का बोला” मैं कुछ नहीं जानता महात्मा जी, आप मुझे भी दिखाओ परमात्मा! मैं भी तो देखूं कैसे है वो, और कया करते है, कहां रहते है। महात्मा जी, ”बेटा ये कोई खेल नहीं है, इस मे खुद को गवाना पड़ता है। मन मारना पड़ता है, अच्छा बनना पड़ता है। अछाई के रास्ते पर चलना पड़ता है ओर त्याग देना पड़ता है।

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Friday, February 28, 2020

Best Motivational Story in Hindi - जीने की कला

              जीवन का कोई भी पल आपको जीना सीखा सकता है 




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                                  परिवर्तन 

Best Motivational Story in Hindi - जीने की कला - हेलो दोस्तों सवागत है हमारे ब्लॉग पर। आज की कहानी हम सबको हर वर्गे के वयक्ति को कुछ न कुछ सिखाएगी। Best Motivational Story in Hindi - जीने की कला इस कहानी से आपको बहुत करीब से ये सीखने को मिलेगा के आपको जीवन के फ़ैसले कैसे कब और किस तरह से लेने चाहिए। अगर आपको ये लगता है के आप बहुत ही धार्मिक व निष्ठावान व्यक्ति हैं तो आप किसी भी आयु में जाकर कैसे गलती कर सकते है, इस बात से भी चिता रही है Best Motivational Story in Hindi - जीने की कला हमारी आज की कहानी। तो चलिए जयादा वक़्त जाया न करते हुए शुरू करते है आज की हमारी कहानी Best Motivational Story in Hindi - जीने की कला

                                                             परिवर्तन 





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राजे का फरमान 



 एक राजा को राज भोगते हुए काफी समय हो गया था । बाल भी सफ़ेद होने लगे थे । एक दिन उसने अपने दरबार में एक उत्सव रखा और अपने गुरुदेव एवं मित्र देश के राजाओं को भी सादर आमन्त्रित किया । उत्सव को रोचक बनाने के लिए राज्य की सुप्रसिद्ध नर्तकी को भी बुलाया गया ।




 राजा ने कुछ स्वर्ण मुद्रायें अपने गुरु जी को भी दीं, ताकि यदि वे चाहें तो नर्तकी के अच्छे गीत व नृत्य पर वे उसे पुरस्कृत कर सकें । सारी रात नृत्य चलता रहा । ब्रह्म मुहूर्त की बेला आयी । नर्तकी ने देखा कि मेरा तबले वाला ऊँघ रहा है, उसको जगाने के लिए नर्तकी ने एक दोहा पढ़ा -




"बहु बीती, थोड़ी रही, पल पल गयी बिताय।एक पलक के कारने, क्यों कलंक लग जाय ।"





 अब इस दोहे का अलग-अलग व्यक्तियों ने अपने अनुरुप अलग-अलग अर्थ निकाला । तबले वाला सतर्क होकर बजाने लगा ।

Wednesday, February 26, 2020

बुद्ध भिक्षु ने कुछ ऐसे सीखा - Short Story in Hindi

कभी कभी हमें जो दीखता है वैसा होता नहीं ऐसे ही कुछ बता रही है ये कहानी 



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                                      भिक्षुक


बुद्ध भिक्षु ने कुछ ऐसे सीखा - Short Story in Hindi - हेलो दोस्तों स्वगत है आपका हमरे ब्लॉग पर। आज हम आपके लिए एक बुद्ध भिक्षु की कहानी लेकर आये है जो के आपको सिक्के के दोनों हिस्से देखना सिखाएगी। बुद्ध भिक्षु ने कुछ ऐसे सीखा - Short Story in Hindi इस कहानी में हम जब भी कोई कार्य करते है तब हम भगवन पर निर्भर होते है पर कभी भगवन का इशारा समझने मैं समर्थ नहीं होते, इसलिए ये कहानी आपको इशारा समझने का एक अवसर देगी। तो चलिए दोस्तों सुरु करते है हम आज की हमारी ये कहानी बुद्ध भिक्षु ने कुछ ऐसे सीखा - Short Story in Hindi ।



                                                  शेर लोमड़ी और भिक्षुक





 एक बौद्ध भिक्षु भोजन बनाने के लिए जंगल से लकड़ियां चुन रहा था कि तभी उसने कुछ अनोखा द्रिश्य देखा। कितना अजीब है यह 'उसने बिना पैरों की लोमड़ी को देखते हुए मन ही मन सोचा'। आखिर इस हालात में यह जिंदा कैसे है ? उसे आश्चर्य हुआ और ऊपर से यह बिल्कुल स्वस्थ है।



बौद्ध भिक्षु और शेर ki kahani
बौद्ध भिक्षु और शेर


 वह अपने ख्यालों में खोया हुआ था कि अचानक चारों तरफ अफरा-तफरी मचने लगी जंगल का राजा शेर उस तरफ आ रहा था। भिक्षुक तेजी दिखाते हुए एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया और वहीं से सब कुछ देखने लगा। शेर ने एक हिरण का शिकार किया था और उसे अपने जबड़े में दबाकर लोमड़ी की तरफ बढ़ रहा था और शेर ने लोमड़ी पर हमला नहीं किया बल्कि उसे भी खाने के लिए मास के कुछ टुकड़े डाल दिए।


Wednesday, February 19, 2020

आचरण कैसा हो ये बताती है ये कहानी - Motivational Story in Hindi

                      आचरण और व्यवहार कैसे पता लगाएं ?



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                         आचरण 


आचरण कैसा हो ये बताती है ये कहानी - Motivational Story in Hindi -  हेलो दोस्तों स्वागत है आपका अपने ब्लॉग पर। दोस्तों आज की हमारी कहानी हमें प्रेरित करती है और हमारी जिंदगी के मूल सिद्धांत को सिखाती है इस लिए आज की कहानी का हमने नाम दिया है आचरण कैसा हो ये बताती है ये कहानी - Motivational Story in Hindi। आचरण से हमारे व्यवहार क्क पता चलता है। आचरण कैसा हो ये बताती है ये कहानी - Motivational Story in Hindi के जरिये आप भी अपने बच्चों मई ऐसे गुण ढूंढे। अगर आप सही से इस कहानी के मापदंड को समझेंगे तो आप भी पुनः अपने अबछो मई आचरण व व्यवहार को स्थापित कर पायेंगे। तो चलिए दोस्तों शुरू करैत आज की हमारी आचरण कैसा हो ये बताती है ये कहानी - Motivational Story in Hindi




                                                  मनुष्य का स्वभाव 


आचरण कैसा हो ये बताती है ये कहानी - Motivational Story in Hindi 


राजे के तीन पुत्र ki kahani in Hindi
राजे के तीन पुत्र 




पुराने जमाने की बात है। एक राजा था उसके तीन पुत्र थे। राजा अपने तीनों पुत्रों को बहुत ज्यादा चाहता था। लेकिन उनके भविष्य को लेकर वह हमेशा चिंतित भी रहता था। एक दिन राजा अपने तीनों पुत्रों के साथ नगर भ्रमण के लिए निकला।



तेजस्वी महात्मा ki story in Hindi
तेजस्वी महात्मा


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Tuesday, February 18, 2020

ऐसी सफलता भी किस काम की - Sachi Kahani

 सफलता भी एअक नशा है जो कभी - कभी अहंकार ले आता है और सब कुछ छीन ले जाता है



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                                   सफलता



ऐसी सफलता भी किस काम की - Sachi Kahani - हेलो दोस्तों स्वागत है आपका अपने ब्लॉग पर। दोस्तों हम अपनी ज़िंदगी की भाग दौड में हम इतने व्यस्थ होकर सिर्फ एक चीज़ के लिए भाग रहें है वो है सफलता उसी एक का अंग लेकर आ रही है ये आज की हमारी ऐसी सफलता भी किस काम की - Sachi Kahani। दोस्तों सफलता एक नशा है और जब ये सर में चढ़ जाये तो तब वह सब तबाह क्र देता है यही बात बता रही है आजकी ये ऐसी सफलता भी किस काम की - Sachi Kahani। सफलता जरूरी है और उसके लिए कठिन प्रकिष्म भी जरूरी है पर नहीं जरूरी तो वह है अहम और अहम के एक हिस्से को दर्शाती है आज की हमारी ये आजकी ऐसी सफलता भी किस काम की - Sachi Kahani। चलो दोस्तों सिखाते है आज कुछ नया हम इस कहानी से ऐसी सफलता भी किस काम की - Sachi कहानी


                                                     सफलता का नशा


 छात्र  ki sachi kahani in Hindi
 छात्र 


ऐसी सफलता भी किस काम की - Sachi Kahani 


 किसी आश्रम में अनेक छात्र रहते थे। उनमें से एक छात्र को अपनी बुद्धि पर काफी अभिमान हो गया था। एक दिन गुरु ने उसे एक कथा सुनाई। गुरु जी ने कहा घने जंगल में एक बकरी रहती थी। वह अपने को काफी चतुर मानती थी।

बकरी ki kahani in Hindi
बकरी

                         

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Sunday, February 16, 2020

हाथी और छह अंधे बंदे - Short Stories in Hindi

हमारे बचपन की कहानी हाथी और छह अंधे बंदे की जो सबने सुनी होगी 



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हाथी


हाथी और छह अंधे बंदे - Short Stories in Hindi - हेलो दोस्तों स्वागत है आपका आज के ब्लॉग पर। आज की जो हमारी कहनी इसको तक़रीबन आपने अपने बचपन में सब ने सुना होगा नाम है कहानी का - हाथी और छह अंधे बंदे - Short Stories in Hindi । इस कहानी का मकसद है के हम सब अपनी अपनी बात करते पर सब एक दूसरी की बात को समझते नहीं और इस कहानी में हमें यही पता चल रहा है इन हाथी और छह अंधे बंदे - Short Stories in Hindi से। हाथी और छह अंधे बंदे - Short Stories in Hindi की कहानी अक्सर साणे सुनी है तो चलें दोस्तों शुरु करते है आजके ब्लॉग को।


                                                   हाथी और छह अंधे बंदे 


छह अंधे बंदे ki short story

                  छह अंधे बंदे 




                                       हाथी और छह अंधे बंदे - Short Stories in Hindi 


 बहुत समय पहले की बात है। किसी गांव में 6 आदमी रहते थे। एक दिन गांव वालों ने उन्हें बताया अरे आज गांव में हाथी आया है। उन्होंने आज तक बस हाथियों के बारे में सुना था पर कभी छूकर महसूस नहीं किया था। उन्होंने निश्चय किया भले ही हम हाथी को देख नहीं सकते पर आज हम सब चलकर उसे महसूस तो कर ही सकते हैं ना और फिर वह सब उस जगह की तरफ बढ़ चले जहाँ हाथी आया हुआ था।



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बंदर और सुबरी - Short Stories in Hindi

           बंदर ने एक चिड़िया को आखिर कार सिखाया सबक 



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सुबरी चिड़िया 


बंदर और सुबरी - Short Stories in Hindi -   हेलो दोस्तों स्वागत है आपका अपने ब्लॉग पर। आज की हमारी कहानी है बंदर और सुबरी - Short Stories in Hindi की । दोस्तों होता क्या है के जब हमारे पास सब कुछ होता है और हम निर्धन को देखते है तो तकरीबन हम कभी उसकी मजबूरी को समझ नहीं पाते और कभी हमारे पास जो होता है तो उसका दिखावा करते है उसी को दिखाती है आज की ये कहानी बंदर और सुबरी - Short Stories in Hindi । आज की बंदर और सुबरी - Short Stories in Hindi से हमें ये सिखने को जरूर मिलेगा के किसी को भी जरूरत से ज्यादा तंग करना भी गलत हो सकता है। तो आइए शुरु करते है आज की कहानी बंदर और सुबरी - Short Stories in Hindi ।

                                                       बंदर और सुबरी



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 सुंदरवन


 सुंदरवन में ठंड दशक दस्तक दे रही थी। सभी जानवर आने वाली कठिन मौसम के लिए तैयारी करने में लगे हुए थे। सुबरी चिड़िया भी उनमें से एक थी हर साल की तरह उसने अपने लिए एक शानदार घोंसला तैयार किया था और अचानक होने वाली बारिश और ठंड से बचने के लिए उसे चारों तरफ से घास फूस से ढक दिया था।



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जो आप करते हो बच्चे वही सिखएंगे - Short Story in Hindi

संभल जाओ वक़्त रहते नहीं आपके बच्चे भी वही करेंगे जो आप कर रहे हो   गांव जो आप करते हो बच्चे वही सिखएंगे - Short Story in Hindi -...